menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सा तु प्राप्य परं योगं गता स्वर्गमनुत्तमम् |  ८   क
भुक्त्वाश्रमेऽश्वमेधस्य फलं फलवतां शुभा |  ८   ख
गता स्वर्गं महाभागा पूजिता निय़तात्मभिः ||  ८   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति