आदि पर्व  अध्याय ५४

सूत उवाच

जनय़ामास यं काली शक्तेः पुत्रात्पराशरात् |  २   क
कन्यैव यमुनाद्वीपे पाण्डवानां पितामहम् ||  २   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति