menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५४
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
शिष्टैश्च धर्मो यः प्रोक्तः स च मे हृदि वर्तते |  २०   क
देशजातिकुलानां च धर्मज्ञोऽस्मि जनार्दन ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति