menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
गजाविव सुसंरव्धौ ज्वलिताविव पावकौ |  ३४   क
ददृशुस्तौ महात्मानौ सशृङ्गाविव पर्वतौ ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति