menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
रोषात्प्रस्फुरमाणोष्ठौ निरीक्षन्तौ परस्परम् |  ३५   क
तौ समेतौ महात्मानौ गदाहस्तौ नरोत्तमौ ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति