शान्ति पर्व  अध्याय २७१

भीष्म उवाच

वह्वाश्रय़ो वहुमुखो धर्मो हृदि समाश्रितः |  २६   क
स व्रह्मपरमो धर्मस्तपश्च सदसच्च सः ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति