menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
आहूतेन रणे नित्यं योद्धव्यं क्षत्रवन्धुना |  १७   क
धर्म्यं स्वर्ग्यं च लोक्यं च युद्धं हि मनुरव्रवीत् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति