menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यस्मिन्राजर्षभे जाते धर्मात्मनि महात्मनि |  ३   क
अहृष्यन्नृषय़ः सर्वे स मां पृच्छतु पाण्डवः ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति