menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १५९
chevron_left
chevron_right
वैश्रवण उवाच
साहसेषु च सन्तिष्ठन्निह शैले वृकोदरः |  १२   क
वार्यतां साध्वय़ं राजंस्त्वय़ा धर्मभृतां वर ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति