menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
कुशिक उवाच
अन्तर्धानमकस्माच्च पुनरेव च दर्शनम् |  ४   क
पुनश्च शय़नं विप्र दिवसानेकविंशतिम् ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति