menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एवमुक्त्वा महाराज व्यसर्जय़त तं ततः |  ९५   क
वधप्राप्तं तु तं राजन्नावधीत्सूतनन्दनः |  ९५   ख
स्मृत्वा कुन्त्या वचो राजंस्तत एनं व्यसर्जय़त् ||  ९५   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति