menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यो यो भीष्मं नरव्याघ्रमभ्येति युधि कश्चन |  ३१   क
मुहूर्तदृष्टः स मय़ा पातितो भुवि दृश्यते ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति