menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
प्रभज्यमानं तत्सैन्यं दृष्ट्वा देवकिनन्दनः |  ४०   क
उवाच पार्थं वीभत्सुं निगृह्य रथमुत्तमम् ||  ४०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति