menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
क्षणेन स रथस्तस्य सहय़ः सहसारथिः |  ५०   क
शरवर्षेण महता सञ्छन्नो न प्रकाशते ||  ५०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति