menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
द्रोणो विकर्णोऽथ जय़द्रथश्च; भूरिश्रवाः कृतवर्मा कृपश्च |  ७३   क
श्रुताय़ुरम्वष्ठपतिश्च राजा; विन्दानुविन्दौ च सुदक्षिणश्च ||  ७३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति