menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ते तु तं पुरुषव्याघ्रं व्याघ्रा इव महारथाः |  १३   क
अभ्यद्रवन्त सङ्ग्रामे त्यक्त्वा प्राणकृतं भय़म् ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति