menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
धिगस्तु खलु मानुष्यं यस्य निष्ठेय़मीदृशी |  २   क
एकादशचमूभर्ता यत्र पुत्रो ममाभिभूः ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति