menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अद्यान्तमेषां दुःखानां गन्ता भरतसत्तम |  २२   क
एकाह्ना विनिहत्येमं भविष्याम्यात्मनोऽनृणः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति