menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
किं कत्थितेन वहुधा युध्यस्व त्वं वृकोदर |  ३६   क
अद्य तेऽहं विनेष्यामि युद्धश्रद्धां कुलाधम ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति