menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
वृंहन्ति कुञ्जरास्तत्र हय़ा हेषन्ति चासकृत् |  ४४   क
शस्त्राणि चाप्यदीप्यन्त पाण्डवानां जय़ैषिणाम् ||  ४४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति