वन पर्व  अध्याय १५

कृष्ण उवाच

महातेजा महावाहुर्यः स राजा महाय़शाः |  ३   क
दमघोषात्मजो वीरः शिशुपालो मय़ा हतः ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति