menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५६
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अवमन्यन्ति भर्तारं संहर्षादुपजीविनः |  ४९   क
स्वे स्थाने न च तिष्ठन्ति लङ्घय़न्ति हि तद्वचः ||  ४९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति