menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३५
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
तं प्रणम्य महात्मानं सुखासीनं महर्षय़ः |  १८   क
पप्रच्छुर्विनय़ोपेता निःश्रेय़समिदं परम् ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति