menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
आहतस्तु तदा भीमस्तव पुत्रेण भारत |  २४   क
आविध्यत गदां गुर्वीं प्रहारं तमचिन्तय़न् ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति