menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ५७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततस्तु पाण्डवाः सर्वे द्रौपदी च यशस्विनी |  ४४   क
युधिष्ठिरस्य तद्वाक्यं वाढमित्यभ्यपूजय़न् ||  ४४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति