menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ५७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
कुण्डलोष्णीषधारीणि जातरूपस्रजानि च |  ११   क
पतितानि स्म दृश्यन्ते शिरांसि रणमूर्धनि ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति