menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
समासाद्य तु तं शैलं शैलाग्रे समवस्थितम् |  ३४   क
तपोनित्यं महात्मानमपश्यद्वृषभध्वजम् ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति