menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सरोऽमृतमय़ं दिव्यमभ्याशे शत्रुसूदनौ |  ६४   क
तत्र मे तद्धनुर्दिव्यं शरश्च निहितः पुरा ||  ६४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति