menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
रूपं महत्ते वहुवक्त्रनेत्रं; महावाहो वहुवाहूरुपादम् |  २३   क
वहूदरं वहुदंष्ट्राकरालं; दृष्ट्वा लोकाः प्रव्यथितास्तथाहम् ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति