menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
उवाच सर्वांश्च पदातिसङ्घा; न्दुर्योधनः पार्थिव सान्त्वपूर्वम् |  १२   क
उत्सृज्य सर्वे परमाय़ुधानि; गृह्णीत हस्तैर्ज्वलितान्प्रदीपान् ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति