menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५७
chevron_left
chevron_right
कर्ण उवाच
तमीदृशं वीर्यगुणोपपन्नं; कृष्णद्वितीय़ं वरय़े रणाय़ |  ४७   क
अनन्तवीर्येण च केशवेन; नाराय़णेनाप्रतिमेन गुप्तम् ||  ४७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति