menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५७
chevron_left
chevron_right
कर्ण उवाच
स रोषपूर्णोऽशनिवज्रहाटकै; रलङ्कृतं तक्षकभोगवर्चसम् |  ६०   क
सुवन्धनं कार्मुकमन्यदाददे; यथा महाहिप्रवरं गिरेस्तथा ||  ६०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति