menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५७
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
अवस्थाने मतिं कृत्वा पुत्रस्तव महामनाः |  ४१   क
इय़ेषोत्पतितुं राजंश्छलय़िष्यन्वृकोदरम् ||  ४१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति