menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५७
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
दृष्ट्वा तानद्भुतोत्पातान्पाञ्चालाः पाण्डवैः सह |  ५७   क
आविग्नमनसः सर्वे वभूवुर्भरतर्षभ ||  ५७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति