menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १३८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
न शुष्कवैरं कुर्वीत न वाहुभ्यां नदीं तरेत् |  ५६   क
अपार्थकमनाय़ुष्यं गोविषाणस्य भक्षणम् |  ५६   ख
दन्ताश्च परिघृष्यन्ते रसश्चापि न लभ्यते ||  ५६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति