menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १६१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
आस्तिका नास्तिकाश्चैव निय़ताः संय़मे परे |  १८   क
अप्रज्ञानं तमोभूतं प्रज्ञानं तु प्रकाशता ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति