menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १६५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सर्वस्य जगतश्चैव गाङ्गेय़ न मृषा वदे |  १२   क
कुरूणामहितो नित्यं न च राजाववुध्यते ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति