menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ४३
chevron_left
chevron_right
दुर्योधन उवाच
तेन दैवं परं मन्ये पौरुषं तु निरर्थकम् |  ३४   क
धार्तराष्ट्रा हि हीय़न्ते पार्था वर्धन्ति नित्यशः ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति