menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ५८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
पुनरीय़ुः सुसंरव्धा धनञ्जय़जिघांसय़ा |  २   क
विस्फारय़न्तश्चापानि वलवन्ति दृढानि च ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति