menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तं निहत्य रणे हृष्टो वृहत्क्षत्रो महारथः |  ८   क
सहसाभ्यपतत्सैन्यं तावकं पार्थकारणात् ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति