menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ते यत्ता जातसंरम्भाः सर्वेऽन्योन्यं जिघांसवः |  २२   क
महास्त्राणि विमुञ्चन्तः समापेतुरमर्षणाः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति