menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तत्र तस्योपविष्टस्य भूषणानि महात्मनः |  २४   क
उपजह्रुर्महार्हाणि प्रेष्याः शुभ्राणि सर्वशः ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति