menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
नानारूपाः प्रहरणाः शरा गाण्डीवचोदिताः |  १५   क
अलातोल्काशनिप्रख्यास्तव सैन्यं विनिर्दहन् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति