menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
गौर्गौरिति पुरा मन्द द्रौपदीमेकवाससम् |  ४   क
यत्सभाय़ां हसन्नस्मांस्तदा वदसि दुर्मते |  ४   ख
तस्यावहासस्य फलमद्य त्वं समवाप्नुहि ||  ४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति