आदि पर्व  अध्याय ५९

वैशम्पाय़न उवाच

अलम्वुसा मिश्रकेषी विद्युत्पर्णा तुलानघा |  ४८   क
अरुणा रक्षिता चैव रम्भा तद्वन्मनोरमा ||  ४८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति