शान्ति पर्व  अध्याय ५९

भीष्म उवाच

पालय़ानास्तथान्योन्यं नरा धर्मेण भारत |  १५   क
खेदं परममाजग्मुस्ततस्तान्मोह आविशत् ||  १५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति