अनुशासन पर्व  अध्याय १६

वासुदेव उवाच

एतदत्यद्भुतं सर्वं व्राह्मणाय़ातितेजसे |  १०   क
उपमन्यवे मय़ा कृत्स्नमाख्यातं कौरवोत्तम ||  १०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति