आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ५९

वासुदेव उवाच

शिखण्डी पाण्डुपुत्राणां नेता सप्तचमूपतिः |  ९   क
वभूव रक्षितो धीमान्धीमता सव्यसाचिना ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति