विराट पर्व  अध्याय ५९

वैशम्पाय़न उवाच

उभौ विश्रुतकर्माणावुभौ युद्धविशारदौ |  ३८   क
उभौ सदृशकर्माणावुभौ युधि दुरासदौ ||  ३८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति