menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
भीमेन प्रहितं चापि शरं कनकभूषणम् |  २२   क
द्विधा चिच्छेद समरे कृतहस्तः प्रतापवान् ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति